इकारान्त पुलिङ्ग शब्द रूप… जिन पुलिङ्ग वाचक शब्दों के अंत में ह्रस्व इ होता है, वे इकारान्त पुलिङ्ग शब्द कहे जाते हैं।
ये शब्द रूप एक निश्चित नियम के अनुसार चलते हैं।प्रायः प्रथमा व द्वितीया विभक्ति के द्विवचन के रूप एक जैसे होते हैं।
तृतीया चतुर्थी व पञ्चमी के द्वि वचन एक जैसे होते हैं।चतुर्थी व पंचमी के द्वि वचन तथा बहु वचन एक जैसे होते हैं।प्रायः षष्ठी व सप्तमी विभक्ति के द्विवचन एक जैसे होते हैं।
विधि (ब्रह्मा) शब्द रूप.. इकारान्त पुलिङ्ग शब्द रूप
विभक्ति
एक वचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथमा
विधिः
विधी
विधयः
द्वितीया
विधिम्
विधी
विधीन्
तृतीया
विधिना
विधिभ्याम्
विधिभिः
चतुर्थी
विधये
विधिभ्याम्
विधिभ्यः
पंचमी
विधेः
विधिभ्याम्
विधिभ्यः
षष्ठी
विधेः
विध्योः
विधिनाम्
सप्तमी
विधौ
विध्योः
विधिषु
सम्बोधन
हे विधे!
हे विधे!
हे विधयः
अग्नि शब्द रूप..
विभक्ति
एक वचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथमा
अग्निः
अग्नी
अग्नयः
द्वितीया
अग्निम्
अग्नी
अग्नीन्
तृतीया
अग्निना
अग्निभ्याम्
अग्निभिः
चतुर्थी
अग्नये
अग्निभ्याम्
अग्निभ्यः
पंचमी
अग्नेः
अग्निभ्याम्
अग्निभ्यः
षष्ठी
अग्नेः
अग्नयोः
अग्नीनाम्
सप्तमी
अग्नौ
अग्नयोः
अग्निषु
सम्बोधन
हे अग्ने!
हे अग्ने!
हे अग्नयः
अरि शब्द रूप..
विभक्ति
एक वचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथमा
अरिः
अरी
अरयः
द्वितीया
अरिम्
अरी
अरीन्
तृतीया
अरिणा
अरिभ्याम्
अरिभिः
चतुर्थी
अरये
अरिभ्याम्
अरिभ्यः
पंचमी
अरेः
अरिभ्याम्
अरिभ्यः
षष्ठी
अरेः
अर्योः
अरिनाम्
सप्तमी
अरौ
अर्योः
अरिषु
सम्बोधन
हे अरे!
हे अरे!
हे अरयः!
भूपति (राजा) शब्द रूप..इकारान्त पुलिङ्ग शब्द रूप
विभक्ति
एक वचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथमा
भूपतिः
भूपती
भूपतयः
द्वितीया
भूपतिम्
भूपती
भूपतीन्
तृतीया
भूपतिना
भूपतिभ्याम्
भूपतिभिः
चतुर्थी
भूपतये
भूपतिभ्याम्
भूपतिभ्यः
पंचमी
भूपतेः
भूपतिभ्याम्
भूपतिभ्यः
षष्ठी
भूपतेः
भूपत्योः
भूपतीनाम्
सप्तमी
भूपतौ
भूपत्योः
भूपतिषु
सम्बोधन
हे भूपते!
हे भूपती!
हे भूपतयः!
नोट.. यदि पति शब्द के पहले कुछ जुड़ जाता है तो उसका रूप हरि की तरह चलता है , पति की तरह न अतः भूपति, नरपति, नृपति आदि के रूप हरि की तरह चलेंगे, पति की तरह नहीं।