क्रिया विशेषण दो शब्दों से मिल कर बना है.. क्रिया + विशेषण।
क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्रिया विशेषण कहते हैं।
सबसे पहले जानते हैं कि क्रिया क्या है…
हम अपने दैनिक जीवन में अनेकों कार्य करते हैं,जैसे खाना ,पीना ,उठना,बैठना , रोना हंसना जागना,सोना, चलना, दौड़ना, लिखना, पढ़ना आदि।
ऐसे अनेकों शब्द हैं,जिन्हे सुन कर या पढ़ कर कह सकते हैं कि मैंने या किसी ने कोई कार्य किया ,या कर रहा है, या करना चाहता है। ऐसे शब्दों को सुन कर या पढ़ कर किसी कार्य के करने या होने का ज्ञान होता है।
परिभाषा…
जिन शब्दों के द्वारा किसी कार्य के करने का या कार्य के होने का ज्ञान होता है, उन्हें क्रिया कहते हैं।
जैसे… अविनाश लिखता है ।
अमर गाड़ी चलाता है।
मोनिका दौड़ती है।
उपरोक्त वाक्यों में लिखता है, चलाता है, दौड़ती है ,ये क्रियाएं हैं। परंतु जब हम कहते हैं कि मोनिका तेज दौड़ती है, तो तेज इस शब्द से पता चलता है की मोनिका कैसे दौड़ती हैं। इसे ही क्रिया विशेषण कहते हैं।
क्रिया विशेषण की परिभाषा…
जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं।
जैसे… १…मैं जल्दी -जल्दी खाता हूं।
२… घोड़ा तेज दौड़ता है।
३.. वह सुरीला गाता है।
इन वाक्यों में जल्दी जल्दी ,तेज ,सुरीला आदि क्रिया की विशेषता बता रहे हैं।
क्रिया की विशेषता बताना अर्थात.. क्रिया का स्थान समय,रीति व परिमाण बताना होता है।
क्रिया विशेषण के प्रकार या भेद…
इसका विभाजन निम्नलिखित तीन आधार पर किया गया है…
१.. प्रयोग के आधार पर
२..रूप के आधार पर
३..अर्थ के आधार पर
अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण के निम्नलिखित भेद हैं…
१. काल वाचक क्रिया विशेषण
जो शब्द क्रिया के करने या होने का समय बताते हैं, उन्हें काल वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं
काल वाचक क्रिया विशेषण , क्रिया के समय के बारे में जानकारी देते हैं । अर्थात क्रिया कब हुई।
काल वाचक क्रिया विशेषण के भेद
१.. समय वाचक… आज , कल परसों, अब, तब ,जब, कब, दो बजे ,बारह बजे,
अवधि वाचक… आजकल, नित्य,सदा निरंतर , लगातार , दो घंटा , चार घंटा , आदि।
पुनः वाचक…प्रतिदिन , बार- बार, कई बार , हर बार, घड़ी घड़ी ,अभी अभी आदि ।
उदाहरण..
१..वह सुबह व्यायाम करता है।
२..आज क्रिकेट मैच खेला जाएगा
३.. महेश प्रतिदिन विद्यालय जाता है।
४.. कल रात वर्षा हुई।
५.. वह सदा सत्य बोलता है।
६.. तुम अब घर जाओ ।
७.. वह यहां तुमसे पहले आ गया।
८..महेश मंदिर बार -बार जाता है।
९.. नया व्यवसाय शुरू करने के पूर्व विचार विमर्श कर लेना चाहिए।
१०.. निरंतर परिश्रम करने वाले लोग सफलता प्राप्त करते हैं।
११.. रजनी की दो बजे की ट्रेन है।
उपरोक्त वाक्यों में सुबह, आज , प्रतिदिन , कल रात, सदा , अब , पहले ही, बार बार, पूर्व , निरंतर आदि काल वाचक क्रिया विशेषण हैं।
काल वाचक क्रिया विशेषण पहचानने का बहुत ही सरल ढंग है। वाक्य में कब लगा कर प्रश्न करना चाहिए। प्रश्न करने पर जो उत्तर मिलता है, वह काल वाचक क्रिया विशेषण होता है। जैसे … अर्जुन प्रतिदिन अभ्यास करता है। इस वाक्य में कब लगा कर प्रश्न करने पर…. वह कब अभ्यास करता है? उत्तर मिलता है… प्रतिदिन ।
२..स्थान वाचक…
स्थान वाचक अर्थात स्थान बताने वाला।
जिस क्रिया विशेषण शब्दों से क्रिया के होने के स्थान का ज्ञान होता है, उन्हें स्थान वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। क्रिया का स्थान अर्थात क्रिया किस जगह पर हुई। जैसे…..
१. छात्र कक्षा में बैठ कर पढ़ रहे हैं।
२ . छत पर बंदर कूद रहा है।
३..उधर जाना मना है।
उपरोक्त वाक्यों में कक्षा में , छत पर , उधर..आदि स्थान वाचक क्रिया विशेषण हैं। ये बता रहे हैं कि, बच्चे कहां पढ़ रहे हैं,बंदर कहां कूद रहा है, आदि।
स्थान वाचक क्रिया विशेषण के दो भेद हैं…..
स्थिति वाचक…
यहां, वहां ,जहां तहां , आगे, पीछे, ऊपर, नीचे, आमने सामने, दूर, पास आदि
दिशा वाचक..
.इधर उधर किधर जिधर दाएं,बाएं आर पार,चारो ओर, पूर्व आदि।
स्थान वाचक क्रिया विशेषण पहचानने के लिए, वाक्य में कहां लगा कर प्रश्न करना चाहिए। जैसे .. वाक्य संख्या २ . में “बंदर कहां कूद रहा है? ” उत्तर ” छत पर”
अन्य उदाहरण…
१..समान बाहर रख दो।
२..नीलम यहां घूमने आती है।
३..तुम कहां घूम रहे हो?
४..आवश्यक वस्तुएं यहीं मिल जाती हैं।
५..तुम मेरे दाएं चलते रहो।
६.. नीलेश और मोहन आमने सामने रहते हैं।
७.. गणित के शिक्षक किधर रहते हैं?
८.. गांव के चारों ओर वृक्ष हैं।
९..उसका घर शहर से दूर है।
१०..घर के बाएं तरफ बगीचा है।
३..परिमाण वाचक
जिन शब्दों से क्रिया के परिमाण अर्थात मात्रा का बोध होता है, उन्हें परिमाण वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं।
परिमाण वाचक शब्दों में ,अधिक , कम, हल्का , भारी, धीरे, तेज होने बहुत , बड़ा, अत्यन्त, अतिशय, कुछ , लगभग प्रायः , किंचित , काफी , थोड़ा , क्रमशः, एक एक करके, क्रम से , यथेष्ट ,केवल ,बस ,काफी, ठीक उतना ,जितना ,इतना , कम आदि शब्दों का प्रयोग होता है। जैसे…
१.. तुम अधिक बोलते हो।
२..कविता बहुत कुछ जानती है।
३..चाय में चीनी कम डालो।
४.. सब्जी में नमक कम है।
५.. दादा जी बहुत कम सोते हैं। ६… बारी बारी से अन्दर आओ।
७… एक एक करके बाहर निकल जाओ।
८.. थोड़ा और प्रयास करें ।
९… मैं बस इतना ही जानती हूं।
१०.. वह मुझे अत्यंत प्रिय है।
११.. काव्या प्रायः रोती रहती है।
उपरोक्त वाक्यों में अधिक , बहुत कुछ , कम, बारी – बारी से, – एक करके , थोड़ा और, इतना ही आदि शब्द परिमाण वाचक हैं।
४..रीति वाचक..
रीति अर्थात ढंग या तरीका । ” जिन शब्दों से क्रिया के होने की रीति या ढंग का पता चलता है, उन्हें रीति वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं।”
रीति वाचक निम्नलिखित अर्थों में प्रयोग किए जाते हैं।
आकस्मिक/ अचानक के अर्थ में… अचानक सहसा, अकस्मात, एकाएक आदि।
निश्चय वाचक..सचमुच , बेशक, निस्संदेह , वास्तव में, अवश्य , जरूर आदि।
अनिश्चय वाचक…शायद , संभवतः , कदाचित प्रायः , बहुधा , अक्सर आदि ।
स्वीकृति वाचक .. हां , जी हां , ठीक , सच , बिल्कुल ठीक आदि ।
निषेध .. नहीं , न , मत , कभी नहीं आदि ।
अवधारणा..तक , ही , भर , तो भी , मात्र आदि।
रीति वाचक पहचानने के लिए वाक्य में कैसे लगा कर देखना चाहिए। जैसे ..
अथर्व जल्दी जल्दी खाता है। इस वाक्य में कैसे लगा कर देखने पर वाक्य बनाता है… अथर्व कैसे खाता है? उत्तर मिलता है कि” जल्दी जल्दी “। अतः जल्दी जल्दी रीति वाचक हैं ।
अन्य उदाहरण…
१.. नील बहुत तेज दौड़ता है।
३..मुझे शीघ्र ही आगरा जाना है।
२..रिमझिम ध्यानपूर्वक पुस्तक पढ़ रही है।
४..विशाल जोर से रो रहा है।
५..पुलिस ने एकाएक कार्यवाही किया ।
६.. कल लोकेश अवश्य आयेगा।
७.. तुम्हारा नाराज होना कदाचित उचित नहीं था।
८.. कविता ध्यान पूर्वक पुस्तक पढ़ रही है।
९..वह चुपके से आकर मिठाई खा गया।
११..मैं उसे भलीभांति जानती हूं।
१२.. पुलिस ने एकाएक कार्यवाही किया।
१३..परेशान मत हो सब आप ही हो जायेगा।
१४.. वह यहां कभी नहीं आता है।
प्रश्न – उत्तर
प्रश्न.. क्रिया विशेषण किसे कहते हैं?
उत्तर..क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को।
प्रश्न.. घोड़ा तेज दौड़ता है.. इस वाक्य में क्रिया विशेषण वाला कौन सा शब्द है?
उत्तर..तेज
प्रश्न.. रीति वाचक क्रिया विशेषण से क्या पता चलता है?
उत्तर… क्रिया के होने का ढंग अर्थात क्रिया कैसे हुई।
प्रश्न… जो शब्द क्रिया के होने के स्थानके बारे में जानकारी देते हैं , वे किस प्रकारके क्रिया विशेषण कहलाते हैं?
उत्तर.. स्थानवाचक क्रिया विशेषण ।
महेश प्रतिदिन विद्यालय जाता है । इस वाक्य में ‘प्रतिदिन ‘ यह किस प्रकार का क्रिया विशेषण है?
उत्तर… काल वाचक।